what is web 3 in hindi

21वीं सदी के सबसे बड़े वरदान इंटरनेट जिसने की दुनिया को सुचना एवं प्रसारण के छेत्र को बदल कर रख दिया, उसी का तीसरा संस्करण यानि Web 3.0 क्या है? के बारे में एक संछिप्त जानकारी।

बीसवीं सदी को मानव इतिहास में उस स्वर्णिम युग की तरह देखा जाएगा जिसमें विज्ञान के बदौलत मानव सभ्यता ने अनेकों नए-नए आविष्कार देखें उसमें से एक अविष्कार इंटरनेट का रहा है, जिसका की मानव सभ्यता पर बहुत ही गहरा प्रभाव देखने को मिला है।

इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि आज इंटरनेट हमारी दिनचर्या का बहुत ही अहम हिस्सा बन चुका है जिसके बिना हमारे बहुत सारे काम अधूरे या फिर उस रफ्तार से नहीं हो सकते जो रफ्तार हमें इंटरनेट के बदौलत मिलती है।

1989 में जब इंटरनेट की शुरुआत हुई थी तब शायद ही किसी ने यह सोचा होगा कि इंटरनेट आने वाली युग के लिए इतना बड़ा वरदान साबित होगा जो कि इंसान को अपने ऊपर पूरी तरीके से आत्मनिर्भर बना देगा।

जैसा कि आपको पता है 1989 में इसकी शुरुआत के बाद से इसमें कई तरह के बदलाव होते गए हैं, जिसे की विशेषज्ञों ने विशेष पीढ़ियों में बांटा है। इसके शुरुआती पीढ़ी को वेब 1.0 का नाम दिया गया और जब इसमें  एक बड़ा बदलाव आया तो इसे वेब 2.0 के नाम से जाना गया।

यह तो हुई अब तक की बात है लेकिन 2022 में इंटरनेट एक शानदार बदलाव की दहलीज पर आ चुका है जोकि इसकी उपयोगिता को और भी ज्यादा प्रभावी तथा  रोचक बना देगा।

जिसे दुनिया Web 3.0 का नाम दे रही है,

तो तो आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम यह जानेंगे कि आखिर वह कौन सा बड़ा बदलाव है जिसके वजह से आज इंटरनेट को ही अपना Updated Version यानि की web 3.0 वर्जन मिल गया है।

साथ ही साथ यह भी जानेंगे कि अपने पुराने संस्करण से कैसे अलग है और इसकी उपयोगिता कैसे इंसानों की जिंदगी को और भी सरल बनाने में मदद पहुंचाएगी।

लेकिन, मैं वेब 3.0 के बारे में विस्तृत चर्चा करने से पहले, वेब 1.0 तथा वेब 2.0 के बारे में भी एक संक्षिप्त जानकारी साझा करूँगा जिससे कि इस सबसे अग्रणी  संस्करण को समझने में आपको आसानी हो।

तो आइए शुरू करते हैं,

Web 1.0  क्या है? 

मुख्यतः साल 1991 से 2004 के बीच  की अवधि को वेब 1.0 का दौर कहा जाता है। इस दौर में इंटरनेट पर मिलने वाली तमाम तरह की वेबसाइट स्थिर Websites होती थी और और उसको इस्तेमाल करने वाले लोग सिर्फ कंटेंट को पढ़ सकते थे उसके ऊपर प्रतिक्रिया या बदलाव नहीं कर सकते थे। 

अगर आप भी मेरी तरह 1990 के दौर में जन्मे हैं तो शायद आप भी MS DOS Software  से वाकिफ होंगे। वह भी वेब 1.0 का हिस्सा था। तो आप वेब  1.0 को सरल भासा में Read-only इंटरनेट कह सकते हैं>

Web 2.0  क्या है?

साल 2005 से  वर्तमान के इंटरनेट के दौर को वेब 2.0 कहा जाता है। इस दौर में इंटरनेट ने बहुत बड़े बदलाव देखे जिसमें सबसे बड़ा बदलाव User Interaction का था।

यहां पर यूजर इंटरेक्शन का मतलब यह हुआ कि कोई भी यूजर कंटेंट को पढ़ भी सकता था और उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकता था ।

आप सभी इस बात से वाकिफ हैं कि आज के समय में Facebbok, Whatsapp, Twitter या अन्य तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आप किसी सामग्री को पढ़ सकने या देख सकने के अलावा उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं इसके अलावा इंटरनेट के द्वारा मार्केटिंग का भी दौर बढ़ा।

यहां तक तो हुई वेब 1.0 और वेब 2.0 की बात, अब आते हैं आर्टिकल के मुख्य हिस्से की  तरफ और जानते हैं कि वेब 3.0 क्या है और इसमें क्या-क्या बदलाव हम सभी को देखने को मिलने वाला है।

Web 3.0  क्या है?

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वेब 3.0 इंटरनेट की वह तीसरी पीढ़ी का कांसेप्ट है जिसमें की संपूर्ण इंटरनेट को ब्लॉकचेन आधारित एक विकेन्द्रीकृत (Decentralized) ऑनलाइन इकोसिस्टम पर लाना है। इस विचारधारा में विकेंद्रीकरण (Decentralization) के साथ-साथ टोकन बेस्ड अर्थव्यवस्था को भी जोड़ने की व्यवस्था है।

Web 3.0 का मुख्य आधार इसका डिसेंट्रलाइज होना है। यहां पर डिसेंट्रलाइजेशन का मतलब हुआ किसी एक संस्था या किसी बड़ी टेक-फर्म जैसे, Goggle या Apple का इस पर नियंत्रण ना होकर इसे ब्लॉकचेन के माध्यम से विकेंद्रीकृत करना है। जिससे कि इस पर किसी का एकाधिकार ना बन पाए और इसके इस्तेमाल करने वाले लोग अपनी-अपनी सुविधानुसार इसका इस्तेमाल कर सकें और अपने डाटा का स्वामित्व अपने पास रखे।

यहां पर एक यूजर अपने डाटा, अपनी पहचान की निजता का चुनाव खुद ही कर सकता है। मतलब कि किसी भी उपभोक्ता  से संबंधित जानकारियां कोई भी हैकर या मार्केटिंग कंपनियां, उपभोक्ता की मर्ज़ी से नहीं ले सकती, यह सब संभव होगा ब्लॉकचेन के माध्यम से।

तो वेब 3.0 में विकेन्द्रीकरण के साथ – साथ एक ऐसी सुदृढ़ व्यवस्था होगी जिसको आप खुद पसंद कर सकते हैं कि आप को अपनी जानकारी किसे देनी है, किसे नहीं देनी है, क्या आप देखना चाहते हैं, और क्या आप नहीं देखना चाहते हैं, यह सब आप निर्धारित कर सकते हैं।

सबसे रोमांचक बात यह है कि इसमें आप कोई वीडियो या किसी भी प्रकार का कंटेंट देखने के पैसे भी पा सकते हैं।

इंटरनेट के तीसरे संस्करण, Web 3.0 की विचारधारा सबसे पहले वर्ष 2014 में क्रिप्टोकरेन्सी पोल्काडॉट के संस्थापक तथा एथेरियम के को सह -संस्थापक Gavin Wood के द्वारा लाई गई थी। और उन्हीं के सहभागिता के द्वारा बनाई गई संस्था Web3 Foundation इसमें व्यापक पैमाने पर विस्तार के लिए शोधकर्ताओं को सम्मिलित कर रही है।

Web 3.0 कब आएगा?

वेब 3.0 के बारे में इतना कुछ जाने के बाद आपको जरूर इसको इस्तेमाल करने की इच्छा जागृत हो रही होगी और आप निश्चित  तौर पर मेरी तरह इसके आधिकारिक तौर पर लॉन्च होने का इंतजार कर रहे होंगे।

लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की डिसेंट्रलाइज्ड वेब यानी ब्लॉकचेन आधारित तकनीक पर काम करने वाले कई सॉफ्टवेयर इंटरनेट पर वर्तमान में उपलब्ध हैं।

अगर इनमें से कुछ उदाहरण की बात की जाए तो  वेबसाइट बनाने के लिए जरूरी Domain Name आपको unstoppabledomains.com से एक बार कीमत अदा करके हमेशा के लिए खरीद सकते हैं इसमें किसी भी तरह की Renewal Charges देने की जरूरत नहीं होती है इन्हें NFT Domains बोला जाता है। हालाँकि ये आपको प्रचलित Domain Extensions  जैसे की .com या .in में नहीं मिलेगी। बल्कि क्रिप्टो जगत में प्रचलित नाम जैसे .bitcoin, .crypto इत्यादि जैसे एक्सटेंशन्स के साथ मिलेंगी.

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वही दूसरी ओर, आपके वेबसाइट के डाटा स्टोरेज के लिए अब आप ipfs.io के माध्यम से होस्टिंग की सुविधा भी ले सकते हैं, जहां पर आप की फाइल किसी एक जगह पर पोस्ट ना होकर ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की परिवृति के अनुरूप पुरे नेटवर्क में बिखरी होंगी। जिससे कि इसको हैक कर पाना बिल्कुल असंभव होगा और आप इसका सुरक्षित इस्तेमाल कर सकते है।

decentralized web kya hai

The Conclusion

अब तक लोगों की ब्लॉकचेन के ऊपर आम धारणा यही रखते थे यह सिर्फ क्रिप्टो करेंसी के डाटा स्टोरेज के काम में आता है। लेकिन वेब 3.0 के आधारभूत संरचना के लिए जिम्मेदार बनने के बाद आज दुनिया ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी को भविष्य के इंटरनेट की रीड की हड्डी मानने लगी है।

वजह बिल्कुल साफ है कि, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी आपके डाटा को एक सुदृढ़ और अभेद्य सुरक्षा प्रदान करता है साथ ही साथ आपके डाटा के निजता का भी पूरा नियंत्रण आपके हाथ में देता है जो की इंटरनेट के अबतक के संस्करण में नहीं उपलब्ध है।

साथ ही साथ, जैसा की मैंने ऊपर बताया, इसमें एक ऐसा रोमांचक अनुभव आपको देखने को मिलेगा, जिसमें आप कंटेंट को देखने या उस पर प्रतिक्रिया देने के बदले पैसे ले सकते है।

ऐसे ही बहुत तरह के नए अनुभव के साथ वेब 3.0 पूर्ण रूप से भविष्य में दुनिया के सामने आने वाला है जोकि आपके इंटरनेट के अनुभव को और ज्यादा रोमांचक बना देगा।

उम्मीद करता हूं आपको आज का मेरा यह आर्टिकल आपको जरूर पसंद आया होगा और अगर आपको इससे कुछ वैल्यू मिली है तो कृपया करके इसे अपने सोशल सर्कल में शेयर करके हमारी हौसलाअफजाई जरूर करे।

और अगर आपको वेब 3.0 से संबंधित और भी कुछ जानकारियां चाहिए होंगे तो आप बेझिझक मुझे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

मुझे ख़ुशी होगी आपकी मदद करके।

“अपने कंटेंट के माध्यम से लोगों की सहायता करना ही मेरे ब्लॉक की प्राथमिकता है।”

तो मिलते हैं अगले आर्टिकल में,

तब तक के लिए,

अपना ख्याल रखें,

धन्यवाद!