what are black fungus and white fungus diseases?
What are black fungus and white fungus diseases?

भारत में Covid महामारी की इस दूसरी लहर ने जो तांडव मचाया है उसे भारतवासी अभी तक जूझ रहे है| इस महामारी में हम में से लगभग हर किसी ने अपने परिवार वालो, दोस्तों, रिश्तेदारों या फिर पहचान वालो में से किसी ना किसी को खोया है और भले ही इससे जुड़े मामलो में कमी आनी शुरू हो गयी हो लेकिन इससे जुड़ा सैलाब अभी भी वैसा ही खौफ का मंज़र लोगो के मन में बनाये हुए है |

और इस खौफ को मंजर से राहत की बात जब हम भारतीयों ने सोचना शुरू ही किया थे वैसे ही एक साथ 2-2 बड़ी मुसीबते आ खड़ी हुई | जिनका नाम है Black fungus और White fungus.

वैसे black fungus तो अबतक एक प्रचलित नाम बन चूका था लेकिन white fungus जिसके बारे में ये कहा जा रहा की ये black  fungus से भी ज्यादा खतरनाक है उसने आजकल ही तमाम बड़े न्यूज़ चैनल्स के headlines में जगह बनायीं है |

इस article  हम ये आजकल के सबसे Popular सवाल “Black Fungus और White Fungus Disease क्या है ? (What are Black fungus and white fungus diseases?)” के बारे में जानेंगे| साथ ही इससे उत्पत्ति से लेकर, इसके लक्षण, रोकथाम, इलाज एवं इससे जुड़े सवालो पर चर्चा करेंगे |

तो आइये एक-एक करके ये जान ले की black fungus and white fungus diseases क्या है और इनसे जुडी प्रमुख बातें जो आप जानना चाहते है?

What is Black Fungus disease? (ब्लैक फंगस बीमारी क्या है ?)

what are black fungus and white fungus disease in india?
what are black fungus and white fungus diseases in India?

Black Fungus disease, जिसे Mucormycosis भी कहा जाता है, एक बेहद आक्रामक संक्रमण है जो Mucormycetes नामक साँचे के एक वर्ग के कारण होता है। ये fungus हर जगह पाया जाता हैं, स्वाभाविक रूप से हमारे पर्यावरण में पाए जाते हैं, आमतौर पर मिट्टी से लेकर घर में पड़ी बासी रोटियों, ( जो बासी होने के कारण काली पड़ जाती है ), सड़ चुके फलों, सब्जियों तक में भी ।

मनुष्य को यह संक्रमण हवा में और धूल में तैरते हुए fungus के बीजाणुओं को मुँह या नाक के द्वारा अंदर लेने से होता है। ये किसी जख्म या जले हुए स्थान से भी शरीर में प्रवेश कर जाता है |

यह मस्तिष्क, साइनस और फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करता है और मधुमेह या गंभीर रूप से कमज़ोर immune वाले या फिर कैंसर या एचआईवी / एड्स जैसे गंभीर रोग से ग्रसित इंसान के जीवन के लिए खतरा बन सकता है।

black  fungus दुनिया में एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार की disease  है | लेकिन इसके हो जाने पर मृत्यु की आशंका 50% तक होती है तथा कुछ संक्रमित इंसान की जान, एक आंख या जबड़े की हड्डी को निकाल कर बचायी जाती है जो की इसके खौफनाक होने के अस्तर को बेहतर तरीके से बताती है |

What causes the Black Fungus disease in India? (India में ब्लैक फंगस फैलने की वजह क्या है?)

India  में अचानक से black  fungus के बढ़ते मामलों के पीछे डॉक्टरों का ये मानना है की ये संक्रमण steroid के इस्तेमाल के वजह से हो सकता है | वैसे तो covid infection से पूरी तरह ठीक करने की कोई दवा नहीं बनी है लेकिन अबतक के scientific  research  से ये पता चला है की covid-19 patients जो की गंभीर रूप से बीमार है उनके लिए steroid एक जीवन रक्षक दवा हो सकती है |

लेकिन steroid based treatment का एक दुष्परिणाम ये भी है की ये दवा शरीर के इम्युनिटी को बहुत ही कमज़ोर बना देती है| यहाँ तक की patient diabetic हो या ना हो उसका blood sugar level अनियंत्रित होकर बढ़ जाता है | ये माना जा रहा है की, इस immunity  में आयी गिरावट के कारण ही इंसान इस बीमारी का शिकार हो रहा है |

डायबिटीज इंसान के प्रतिरक्षा प्रणाली को पहले ही कमज़ोर बना देता है एवं covid-19 उसको और भी ज्यादा प्रभावित करता है और तब steroid का इस्तेमाल इसमें आग में घी का काम करता है |  

What are the symptoms of Black Fungus disease?(ब्लैक फंगस बीमारी के लक्षण क्या है?)

what are the symptoms of black fungus disease?
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शुरुआती अस्तर पर ही इस बीमारी में असाधारण लक्षण देखने को मिलता है और इलाज न होने पर ये बहुत तेज़ी से फैलता है और अंततः इंसान के दुखद मृत्यु का कारण बनता है | अगर आप ये सोच रहे है की Black Fungus disease  को कैसे पहचाने तो नीचे हमने इसके प्रमुख लक्षणों को चिन्हित किया है अगर कोई व्यक्ति जो कोरोना से हाल ही में ठीक हुआ है और उसमे ऐसे लक्षण देखने को मिले तो तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें |

  • Sinus  में दर्द
  • एक तरफ का नाक बंद होना
  • सर के आधे हिस्से में दर्द
  • जबड़े में दर्द
  • चेहरे और जबड़े पे सूजन
  • चेहरे और जबड़े का सुन्न हो जाना
  • दांतो में दर्द
  • दांतो का टूट कर गिरना
  • धुंधला दिखाई देना
  • मुँह के अंदर काले जख्म एवं खून की उलटी होना
  • नाक से खून का निकलना
  • छाती में दर्द होना
  • सांस लेने में समस्या होना
  • नाक के अंदर की स्किन का काला पड़ जाना
  • चेहरे की skin  का काला पड़ जाना
  • बुखार आना

What is the treatment for Black Fungus disease in India? (भारत में ब्लैक फंगस बीमारी का क्या इलाज है?)

किसी व्यक्ति के ब्लैक फंगस से संक्रमित होने के बाद ये बीमारी बहुत तेज़ी से नाक से होते हुए आँखों तक पहुँच जाती है और आखिर में इंसान के दिमाग को भी संक्रमित कर देती है जिससे अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है | इसलिए इसके शुरुआती लक्षण दिखने के बाद संक्रमण को ज्यादा बढ़ने से रोकने के लिए आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना होगा |

संक्रमण के शुरुआती अस्तर पर अगर ये सिर्फ sinus तक ही फैलने के क्रम में पकड़ में आजाए तो डॉक्टर्स नाक के सुराखों के द्वारा endoscope  डाल कर शरीर के infected tissue को निकाल देते है जिससे इंसान पूरी तरह recover हो जाता है |

अन्यथा, अगर ये संक्रमण और आगे तक बढ़ जाये तो ज़िन्दगी बचाने की इस ज़द्दोज़हद में मरीज़ की जबड़े की हड्डी या फिर एक आँख निकालनी पड़ सकती है|

Doctors  द्वारा इसके इलाज के लिए मरीज़ को antifungal treatment prescribed किया जाता है| जिसमें liposomal amphotericin B injection मरीज़ को 10 दिनों से लेकर कई हफ्तों तक संक्रमण के अस्तर को देखते हुए लगाने होते है |

हालाँकि वर्तमान में इसकी किल्लत के वजह से डॉक्टर्स इसके स्थानांतरण के रूप में दूसरी ड्रग Posaconazole का इस्तेमाल कर रहे है |

इसके अलावा डॉक्टर्स के मुताबिक कुछ मामलो में इसके treatment से जुड़े दवा के कुछ गंभीर side effects जैसे kidney damage, neurological dysfunction और stroke भी देखने को मिलते है|  

What are the precautions to prevent Black Fungus disease? (ब्लैक फंगस से बचने के लिए रोकथाम कैसे करे?)

जैसा की ये ज्ञात है की ब्लैक फंगस मुख्यतः कोरोना संक्रमित या उससे ठीक हुए मरीज़ो को ही अपना शिकार बना रहा है | इसलिए वैसे लोगो को ब्लैक फंगस से रोकथाम हेतु निम्नलिखित बिन्दुओ पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है |

  • इससे बीमारी से जुड़े हर एक लक्षण को बिलकुल भी अनदेखा न करे
  • डायबिटीज वाले मरीज़ अपने ब्लड शुगर लेवल का विशेष ख्याल रखे क्यूंकि ये सबसे ज्यादा उनके लिए ही घातक है
  • कोरोना से ठीक होने के बाद भी मास्क का इस्तेमाल करते रहे
  • गंदे स्थानों/ कंस्ट्रक्शन साइट पे जाने से बचे या मास्क लगा कर जाये
  • बाग़बानी करते हुए या मिटटी के बीच काम करते हुए फुल कवर्ड कपडे एवं ग्लव्स का इस्तेमाल न भूले
  • अपनी और अपने आसपास की सफाई का विशेष ख्याल रखे
  • स्टेरॉयड का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से होना चाहिए- सही समय. सही अवधी एवं सही खुराक का विशेष ख्याल हो
  • ऑक्सीजन थेरेपी में इस्तेमाल होने वाले humidifier के लिए स्वच्छ और जीवाणुरहित पानी का इस्तेमाल होना चाहिए
  • ऑक्सीजन थेरेपी इस्तेमाल होने वाले Tubes को बदलते रहना चाहिए
  • एंटीबायोटिक्स तथा एंटीफंगल दवाओं का डॉक्टर्स की सलाह से इस्तेमाल करे

What is White Fungus disease? (वाइट फंगस बीमारी क्या है ?)

what are black and white fungus diseases?
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Black  fungus  की तरह white fungus जिसे वैज्ञानिक भाषा में Candidiasis भी बोला जाता है ये संक्रमण भी पर्यावरण में मौजूद ‘Mucormycetes‘ नामक कवक के एक सांचे के कारण ही होते हैं। जबकि ये रोग संक्रामक नहीं है लेकिन एक व्यक्ति को संक्रमित करने के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है क्योंकि पर्यावरण में मौजूद इन मोल्डों को रोगी द्वारा आसानी से साँसों के द्वारा लिया जा सकता है, जो बाद में महत्वपूर्ण अंगों में फैल सकता है और इसके लक्षणों का कारण बन सकता है।.

ये बीमारी भी मुख्यतः बेहद कमज़ोर immunity  वाले लोगो को ही संक्रमित करती है| ऐसे लोगो में ये संक्रमण इन् कवक के संपर्क में आने के वजह से होता है जो की आमतौर पर गंदे पानी या अस्वच्छ वातावरण में पाए जाते है|

यधपि ब्लैक फंगस खतरनाक बीमारी है लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक वाइट फंगस उससे भी ज्यादा जानलेवा है जो की बेहद ही तेज़ी से फैलती है और गंभीर नुकसान पहुँचाती है | ये साँसों द्वारा शरीर में प्रवेश करने के बाद तेज़ी से शरीर के महत्वपूर्ण अंगो जैसे दिमाग , किडनी , श्वसन तंत्र , पाचन तंत्र, नाखुनो और यहाँ तक के आपके जननांगो को भी बुरी तरह से नुकसान पहुँचाती है | इससे संसकृमण से होने वाली मृत्यु की दर अब तक ज्ञात नहीं है |

What causes the White Fungus disease in India? (India में White Fungus फैलने की वजह क्या है?

जैसा की हमने पहले ही बताया ये बीमारी भी black fungus की तरह बेहद गंभीर रूप से कमज़ोर इम्युनिटी वाले लोगो को संक्रमित करती है| ऐसे इंसान जिनको इम्युनिटी को प्रभावित करने वाली बीमारिया जैसे हाई डायबिटीज, कैंसर या hiv/aids हो या फिर कोरोना ट्रीटमेंट के दरम्यान या लम्बे वक़्त से steroid  based  treatment  ले रहे हो उनको इस बीमारी के जकड में आने की ज्यादा संभावना रहती है |

डॉक्टर्स के मुताबिक ये बीमारी उन लोगो को हो सकती है जो गंदे सतहों में रह रहे हो, और विशेष तौर पर ऐसे मरीज़ जो लम्बे समय से ऑक्सीजन support  पर रह रहे हो जिनके humidifier में दूषित पानी या नार्मल tap water का इस्तेमाल हो रहा हो| उनका इसके संपर्क में आने के संभावना ज्यादा बढ़ जाती है| यही वजह है की आजकल ये बीमारी मुख्यतः covid patients में देखने को मिल रही है |

कुछ रिपोर्ट्स की माने तो ये बीमारी गर्भवती महिलाओं और बच्चो को ज्यादा प्रभावित करती है जो की ब्लैक फंगस में मामले में कम देखने को मिलता है |

What are the symptoms of White Fungus disease (White फंगस बीमारी के लक्षण क्या है?)

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white fungus  से संक्रमित इंसान को मूलतः वही लक्षण देखने को मिलते है जो की एक covid patient में देखे जाते है, जैसे सर्दी, खाँसी, बुखार, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द इत्यादि | लेकिन वैसे इंसान covid-19 टेस्ट में नेगेटिव होते है| इसको सिर्फ X- RAY या HRCT-SCAN के द्वारा ही पहचाना जा सकता है |

कुछ मामलो में इसके symptoms  भी ब्लैक फंगस से मेल खाते है | हालाँकि गंभीर रूप से संक्रमित इंसान के छाती तक अगर ये संक्रमण फ़ैल जाये तो इसके और भी लक्षण जैसे सूजन, लगातार सर में दर्द,शरीर के दूसरे अंगो ने संक्रमण एवं दर्द दिखने लगते है |

What is the treatment for White Fungus disease in India? (भारत में वाइट फंगस बीमारी का क्या इलाज है?)

जैसा की बताया गया है की ब्लैक और वाइट फंगस के संक्रमण बहुत ही दुर्लभ है| इसलिए इनके इलाज के लिए निर्धारित दवाये बहुत ही कम मात्रा में उपलब्ध है अब जब मामले बढ़ने लगे है तो सरकार ने भी इसके उत्पादन पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है |

अब तक के ज्ञात सूचनाओं के मुताबिक जो मरीज़ इससे संक्रमित हुए है उन्हें antifungal दवाओं से इलाज किया जाता है और समय पर इलाज मिलने के कारण वो इससे ठीक भी हो रहे है |

How to prevent White Fungus disease? (वाइट फंगस से बचने के लिए रोकथाम कैसे करे?)

जैसा की आपको पता है की white fungus एक fungal infection है और गंभीर रूप से कमज़ोर immunity वालो को ये संक्रमण आसपास में मौजूद अस्वछता के कारण होता है | इसलिए निम्नलिखित उपायों का अगर सावधानीपूर्वक पालन किया जाये तो वाइट फंगस से रोकथाम में आपको मदद मिल सकती है |

  • फंगस अस्वच्छ और नमी वाले स्थानों पर ज्यादा पैदा होते है इसलिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरुरी है
  • ज्यादा लम्बे वक़्त तक रेफ्रीजिरेटर में रखे हुए खाने को न खाये
  • ताज़े फल और सब्ज़िया ही खाये
  • घर में सूरज की रौशनी ज्यादा से ज्यादा आने दे
  • फेस मास्क को या तो प्रायः बदले या प्रत्येक दिन अच्छे तरह से धोये
  • फेस मास्क पर पसीना या नमी न आने दे
  • शुगर के मरीज़ अपना शुगर लेवल मेन्टेन रखे
  • कोरोना से रिकवर होने के 20-25 दिनों तक घर से बाहर न ही निकले
  • अपनी इम्युनिटी को फिरसे मजबूत करने के लिए योग या एक्सरसाइज का सहारा ले
  • फुल बॉडी कवर्ड ड्रेस ही पहने
  • ऑक्सीजन ट्रीटमेंट में Humidifier के पानी की गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखे
  • अशुद्ध जल के संपर्क में आने से बचे